सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

シュリゴパルについて ヴィシュヌ・ジはクリシュナ卿をフルタイムで崇拝し、救いを得ると信じられています。 Shri Krishnajiは、Devakinandan、Vasudev、Balagopalとしても知られています。 バルゴパルはシュリクリシュナの子の形であると言われています。 クリシュナジは髪の毛がとてもいたずらでした。 ヒンドゥー教によると、クリシュナのバルゴパル形式が最も尊敬されていると考えられています。 クリシュナ卿の子供を崇拝することは、子供がいないカップルにとって非常に幸運であると考えられています。 チャイルドバルゴパルマントラは、子供がいないカップルの祝福と見なされているそのようなマントラの1つです。 *ソーシャルワーカーVanitaKasani Punjab Ram RamJiによる*

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

*कालिदास बोले 😗 माते पानी पिला दीजिए बङा पुण्य होगा.*स्त्री बोली 😗 बेटा मैं तुम्हें जानती नहीं. अपना परिचय दो। मैं अवश्य पानी पिला दूंगी।*कालीदास ने कहा 😗 मैं पथिक हूँ, कृपया पानी पिला दें।*स्त्री बोली 😗 तुम पथिक कैसे हो सकते हो, पथिक तो केवल दो ही हैं सूर्य व चन्द्रमा, जो कभी रुकते नहीं हमेशा चलते रहते। तुम इनमें से कौन हो सत्य बताओ।*कालिदास ने कहा 😗 मैं मेहमान हूँ, कृपया पानी पिला दें।*स्त्री बोली 😗 तुम मेहमान कैसे हो सकते हो ? संसार में दो ही मेहमान हैं।पहला धन और दूसरा यौवन। इन्हें जाने में समय नहीं लगता। सत्य बताओ कौन हो तुम ?.(अब तक के सारे तर्क से पराजित हताश तो हो ही चुके थे)*कालिदास बोले 😗 मैं सहनशील हूं। अब आप पानी पिला दें।*स्त्री ने कहा 😗 नहीं, सहनशील तो दो ही हैं। पहली, धरती जो पापी-पुण्यात्मा सबका बोझ सहती है। उसकी छाती चीरकर बीज बो देने से भी अनाज के भंडार देती है, दूसरे पेड़ जिनको पत्थर मारो फिर भी मीठे फल देते हैं। तुम सहनशील नहीं। सच बताओ तुम कौन हो ? (कालिदास लगभग मूर्च्छा की स्थिति में आ गए और तर्क-वितर्क से झल्लाकर बोले)*कालिदास बोले 😗 मैं हठी हूँ ।.*स्त्री बोली 😗 फिर असत्य. हठी तो दो ही हैं- पहला नख और दूसरे केश, कितना भी काटो बार-बार निकल आते हैं। सत्य कहें ब्राह्मण कौन हैं आप ? (पूरी तरह अपमानित और पराजित हो चुके थे)*कालिदास ने कहा 😗 फिर तो मैं मूर्ख ही हूँ ।.*स्त्री ने कहा 😗 नहीं तुम मूर्ख कैसे हो सकते हो। मूर्ख दो ही हैं। पहला राजा जो बिना योग्यता के भी सब पर शासन करता है, और दूसरा दरबारी पंडित जो राजा को प्रसन्न करने के लिए ग़लत बात पर भी तर्क करके उसको सही सिद्ध करने की चेष्टा करता है।(कुछ बोल न सकने की स्थिति में कालिदास वृद्धा के पैर पर गिर पड़े और पानी की याचना में गिड़गिड़ाने लगे)*वृद्धा ने कहा 😗 उठो वत्स ! (आवाज़ सुनकर कालिदास ने ऊपर देखा तो साक्षात माता सरस्वती वहां खड़ी थी, कालिदास पुनः नतमस्तक हो गए)*माता ने कहा 😗 शिक्षा से ज्ञान आता है न कि अहंकार । तूने शिक्षा के बल पर प्राप्त मान और प्रतिष्ठा को ही अपनी उपलब्धि मान लिया और अहंकार कर बैठे इसलिए मुझे तुम्हारे चक्षु खोलने के लिए ये स्वांग करना पड़ा।.कालिदास को अपनी गलती समझ में आ गई और भरपेट पानी पीकर वे आगे चल पड़े।शिक्षा :-विद्वत्ता पर कभी घमण्ड न करें, यही घमण्ड विद्वत्ता को नष्ट कर देता है। दो चीजों को कभी *व्यर्थ* नहीं जाने देना चाहिए.... By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब. *अन्न के कण को* "और"*आनंद के क्षण को* 🙏Jai Mata Di🙏

,। 🦚 मेरे सांवरिया ,,,,,, !!!❣ *!! सिर्फ दो शब्द !!*"शिकायत" *!! मेरे दिल ने आज ये ज़ुर्रत कर ली !!* *!! तुमसे पूछे बिना तुमसे मोहब्बत कर ली !!* 🦚🌹कृष्णमय रात्रि🌹🦚

🦚 my dear,,,,,, !!!                     * !! Just two words !! * "Complaint"       * !! My heart started doing this today !! *   * !! Loved you without asking you !! *              Krishnamay
श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर करें ये उपाय.....  🌾🍁🏯👏👏🛕👏👏🏯🍁🌾   🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 भगवान श्री कृष्ण प्रसन्न होने पर व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं और साथ ही निसंतान दंपतियों को संतान सुख भी प्रदान करते हैं। तो आइए जान लेते हैं कृष्ण जन्माष्टमी के दिन किन बेहद सरल उपायों को करके आप भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद अपने जीवन में प्राप्त कर सकते हैं। 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌷आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं तो श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन अपने घर पर गाय और बछड़े की मूर्ति ले आयें। संतान प्राप्ति के लिए भी आप गाय और बछड़े की मूर्ति अपने घर में लाकर रख लें। 💐श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन यदि आप भगवान कृष्ण को परिजात के फूल अर्पित करते हैं तो इससे आपको भगवान श्री कृष्ण की प्रसन्नता हासिल होती है। 🌺 समस्त मनोकामना पूर्ति और अपने जीवन में सुख सुविधाओं के लिए श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण को चांदी की बांसुरी अर्पित करें।  🌹वास्तु दोष की समस्या से परेशान हैं तो आपको श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन अपने घर में मोर पंख लाकर रखने की सलाह दी जाती है। ☀ इसके अलावा श्री...