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🌷🎊#राधे_माला_कीर्तन_पोस्ट🎊🌷🌺*""*•.¸जय श्री राधे ¸.•*""*🌺🍒👣#श्री_राधेकृष्णमयी_सुप्रभात👣🍒By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब🏵️🧡🏵️🧡🏵️🧡💃🧘💃🧡🏵️🧡🏵️🧡🏵️✍️ #आया #सावन बड़ा मन भावन रिम - झिम की✨ ✨🏵️🔶🏵️🔶🏵️🔶🏵️🔶🏵️🔶🏵️🔶🏵️✨✨पड़े फुहार राधा झूला झूल रहीं कान्हा संग में💃✨🏵️🧡🏵️🧡🏵️🧡💃🧘💃🧡🏵️🧡🏵️🧡🏵️🙏 #सुंदर 👌#भजन 💃सावन का पहला राधा रानी ✨✨✨✨✨✨✨ जूं कान्हा के नाम💃 👇👍🙏श्री हरि सखी री...🙌✍️#श्रंगारित राधे हुई, कृष्ण करें श्रंगार ✨✨✨✨✨✨✨✨✨तीनों #लोक निहारिए, कहां है ऐसा प्यार✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨रंग देख राधे का बोले, हर्षित कृष्ण मुरार✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨शरद #पूर्णिमा चाँद हो, अमृत की हो बहार✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨मंद मंद मुस्काए राधे, देख कृष्ण का प्यार✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨हृदय करें आलिंगन ले लूं, लौटाने को प्यार✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨मुरली धरी हाथ के नीचे, करने को आभार✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨हे कान्हा सावन है आयो, सुनने राग मल्हार✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨"विकुश" हृदय विचलित रहता है, दर्शन को हर बार✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨🙏आन बसों नयनन् में मेरे, हे मेरी सरकार🙏 ✨✨✨✨🙇👁️‍🗨️🙇✨✨✨✨🙋🏼‍♂️जय जय श्री राधे👣😔✨✨✨✨✨✨शुभ मंगल प्रभात जी🙏💖➖🔶आप सभी का दिन शुभ हो जी🔶➖💖 ❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤*🙏🏼🌸🌼#अलबेली_सरकार_कर के सभी भक्तो को मेरा #प्रणाम🙏🙏 ❤❤❤❤❤❤❤❤*🙏🏼🌸🌼#अलबेली_सरकार #करदो_करदो_बेडा_पार🙏🏼🌸🌼🌿🌿🌿🌿🌹🌿🌿🌿🌿*🌷🍀 #सुप्रभात,,,राधे राधे जी 🍀🌷*🙏🙏🙏🙏बाल वनिता महिला आश्रम🌺🌿 🌿🌿🌿🌿🌷🌷 🌿🌿🌿🌿🌿🌺

🌷🎊#राधे_माला_कीर्तन_पोस्ट🎊🌷

🌺*""*•.¸जय श्री राधे ¸.•*""*🌺
🍒👣#श्री_राधेकृष्णमयी_सुप्रभात👣🍒
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✍️ #आया #सावन बड़ा मन भावन रिम - झिम की✨
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✨पड़े फुहार राधा झूला झूल रहीं कान्हा संग में💃✨
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🙏 #सुंदर 👌#भजन 💃सावन का पहला राधा रानी
 ✨✨✨✨✨✨✨ जूं कान्हा के नाम💃 👇👍

🙏श्री हरि सखी री...🙌
✍️#श्रंगारित राधे हुई, कृष्ण करें श्रंगार
     ✨✨✨✨✨✨✨✨✨
तीनों #लोक निहारिए, कहां है ऐसा प्यार
✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨
रंग देख राधे का बोले, हर्षित कृष्ण मुरार
✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨
शरद #पूर्णिमा चाँद हो, अमृत की हो बहार
✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨
मंद मंद मुस्काए राधे, देख कृष्ण का प्यार
✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨
हृदय करें आलिंगन ले लूं, लौटाने को प्यार
✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨
मुरली धरी हाथ के नीचे, करने को आभार
✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨
हे कान्हा सावन है आयो, सुनने राग मल्हार
✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨
"विकुश" हृदय विचलित रहता है, दर्शन को हर बार
✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨
🙏आन बसों नयनन् में मेरे, हे मेरी सरकार🙏
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🙋🏼‍♂️जय जय श्री राधे👣😔
✨✨✨✨✨✨शुभ मंगल प्रभात जी🙏
💖➖🔶आप सभी का दिन शुभ हो जी🔶➖💖       
  
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*कालिदास बोले 😗 माते पानी पिला दीजिए बङा पुण्य होगा.*स्त्री बोली 😗 बेटा मैं तुम्हें जानती नहीं. अपना परिचय दो। मैं अवश्य पानी पिला दूंगी।*कालीदास ने कहा 😗 मैं पथिक हूँ, कृपया पानी पिला दें।*स्त्री बोली 😗 तुम पथिक कैसे हो सकते हो, पथिक तो केवल दो ही हैं सूर्य व चन्द्रमा, जो कभी रुकते नहीं हमेशा चलते रहते। तुम इनमें से कौन हो सत्य बताओ।*कालिदास ने कहा 😗 मैं मेहमान हूँ, कृपया पानी पिला दें।*स्त्री बोली 😗 तुम मेहमान कैसे हो सकते हो ? संसार में दो ही मेहमान हैं।पहला धन और दूसरा यौवन। इन्हें जाने में समय नहीं लगता। सत्य बताओ कौन हो तुम ?.(अब तक के सारे तर्क से पराजित हताश तो हो ही चुके थे)*कालिदास बोले 😗 मैं सहनशील हूं। अब आप पानी पिला दें।*स्त्री ने कहा 😗 नहीं, सहनशील तो दो ही हैं। पहली, धरती जो पापी-पुण्यात्मा सबका बोझ सहती है। उसकी छाती चीरकर बीज बो देने से भी अनाज के भंडार देती है, दूसरे पेड़ जिनको पत्थर मारो फिर भी मीठे फल देते हैं। तुम सहनशील नहीं। सच बताओ तुम कौन हो ? (कालिदास लगभग मूर्च्छा की स्थिति में आ गए और तर्क-वितर्क से झल्लाकर बोले)*कालिदास बोले 😗 मैं हठी हूँ ।.*स्त्री बोली 😗 फिर असत्य. हठी तो दो ही हैं- पहला नख और दूसरे केश, कितना भी काटो बार-बार निकल आते हैं। सत्य कहें ब्राह्मण कौन हैं आप ? (पूरी तरह अपमानित और पराजित हो चुके थे)*कालिदास ने कहा 😗 फिर तो मैं मूर्ख ही हूँ ।.*स्त्री ने कहा 😗 नहीं तुम मूर्ख कैसे हो सकते हो। मूर्ख दो ही हैं। पहला राजा जो बिना योग्यता के भी सब पर शासन करता है, और दूसरा दरबारी पंडित जो राजा को प्रसन्न करने के लिए ग़लत बात पर भी तर्क करके उसको सही सिद्ध करने की चेष्टा करता है।(कुछ बोल न सकने की स्थिति में कालिदास वृद्धा के पैर पर गिर पड़े और पानी की याचना में गिड़गिड़ाने लगे)*वृद्धा ने कहा 😗 उठो वत्स ! (आवाज़ सुनकर कालिदास ने ऊपर देखा तो साक्षात माता सरस्वती वहां खड़ी थी, कालिदास पुनः नतमस्तक हो गए)*माता ने कहा 😗 शिक्षा से ज्ञान आता है न कि अहंकार । तूने शिक्षा के बल पर प्राप्त मान और प्रतिष्ठा को ही अपनी उपलब्धि मान लिया और अहंकार कर बैठे इसलिए मुझे तुम्हारे चक्षु खोलने के लिए ये स्वांग करना पड़ा।.कालिदास को अपनी गलती समझ में आ गई और भरपेट पानी पीकर वे आगे चल पड़े।शिक्षा :-विद्वत्ता पर कभी घमण्ड न करें, यही घमण्ड विद्वत्ता को नष्ट कर देता है। दो चीजों को कभी *व्यर्थ* नहीं जाने देना चाहिए.... By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब. *अन्न के कण को* "और"*आनंद के क्षण को* 🙏Jai Mata Di🙏

🌹🌳जय श्री राधे कृष्णा जी 🌹by समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब🌳शुभ संध्या वंदना जी🌹🌳🥀🌲🥀🌲🥀#🌲🥀🙏_बिहारी_जी_का_आसन_"🙏🏻🌹.बहुत समय पहले कि बात है बिहारी जी का एक परम प्रिय भक्त था। वह नित्य प्रति बिहारी जी का भजन-कीर्तन करता था।🌳🌲🥀.उसके ह्रदय का ऐसा भाव था कि बिहारी जी नित्य उसके भजन-कीर्तन को सुनने आते थे।.एक दिन स्वप्न में बिहारी जी ने उससे शिकायत करते हुए कहा, तुम नित्य प्रति भजन-कीर्तन करते हो और मैं नित्य उसे सुनने आता भी हूं... 🌹🌳🌲.लेकिन आसन ना होने के कारण मुझे कीर्तन में खड़े रहना पड़ता है, जिस कारण मेरे पांव दुख जाते है, .अब तू ही मुझे मेरे योग्य कोई आसन दे जिस पर बैठ मैं तेरा भजन-कीर्तन सुन सकू।🌲🥀.तब भक्त ने कहा, प्रभु ! स्वर्ण सिंहासन पर मैं आपको बैठा सकूं इतना मुझमें सार्मथ्य नहीं और भूमि पर आपको बैठने के लिए कह नहीं सकता। .यदि कोई ऐसा आसन है जो आपके योग्य है तो वो है मेरे ह्रदय का आसन आप वहीं बैठा किजिये प्रभु।.बिहारी जी ने हंसते हुए कहा, वाह ! मान गया तेरी बुद्धिमत्ता को... 🌲🥀.मैं तुझे ये वचन देता हूं जो भी प्रेम भाव से मेरा भजन-कीर्तन करेगा मैं उसके ह्रदय में विराजित हो जाऊंगा।🌳🌲🥀.ये सत्य भी है और बिहारी जी का कथन भी। .वह ना बैकुंठ में रहते है ना योगियों के योग में और ना ध्यानियों के ध्यान में, वह तो प्रेम भाव से भजन-कीर्तन करने वाले के ह्रदय में रहते है।।🌳.बोलिए श्री बांके बिहारी लाल की जय....🙌🌺

इंतजार के आँचल मेंसबर की आख़िरी हिचकी ले दम तोड़ रही है मेरी महुबबतपरवाह का गंगा जलबख़्श दो आख़िरी जज़्बातों को उम्मीद की चंद साँसें फूँक दोबुझते अहसासों मेंया फिर आ जाना मेरी रूखसती पेउधार माँग थोड़ी फुरसत कहीं सेलबों से अपने बंद कर देनाराह तकती मेरी आँखो को "राधा रानी"💐🌹जय जय श्री राधे।।💐🌹🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

इंतजार के आँचल में सबर की आख़िरी हिचकी  ले दम तोड़ रही है  मेरी महुबबत परवाह का गंगा जल बख़्श दो आख़िरी जज़्बातों को  उम्मीद की चंद साँसें फूँक दो बुझते अहसासों में या फिर आ जाना मेरी रूखसती पे उधार माँग थोड़ी फुरसत कहीं से लबों से अपने बंद कर देना राह तकती मेरी आँखो को  "राधा रानी" 💐🌹जय जय श्री राधे।।💐🌹 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏